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यह नक्षत्र ठीक सिर्फ दिसंबर महीने के पहले ठीक शिर पर आकाश में रात 9:00 से 11:00 बजे दिखाई देता है यह नक्षत्र 3 तारो से बना हुआ है इसका आकाश में स्वरुप घोड़े के मुँह जैसा स्वरूप दिखाई देता है मेश राशि कृतिका नक्षत्र प्रथम चरण-मेश राशि 26 अंश 40 कला से 30" वृषभ राशि कृतिका नक्षत्र द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ चरण- वृषभ राशि 0 अंश से 10 अंश तक,

मेश राशि कृतिका नक्षत्र का स्वभाव:

मेश राशि कृतिका नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक का उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति एवं उत्साह, आगे बढ़ने की प्रवृत्ति, नेतृत्वशील, वाक्पटुता, तर्क शक्ति, प्रसिद्ध, न्यायप्रिय, प्रतिस्पर्द्धात्मक भावना, बहुभोजी, अन्य स्त्रियों की ओर आकर्षित, आक्रामक

वृषभ राशि कृतिका नक्षत्र का स्वभाव:

वृषभ राशि कृतिका नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक का सामाजिकता, अतिथि सम्मान, दयालु, अच्छे मित्र, ऐशो-आरामपसन्द, जनप्रिय, प्रभावशाली व्यक्तित्व, प्रसन्न, क्रियात्मक मस्तिष्क, कार्यों में सफलता,चतुर, बृद्धिमान, सफल व्यापारी, लोकप्रिय तथा सम्पन्न, शत्रुहन्ता, सट्टा-लाटरी में रुचि ।

मेश राशि कृतिका नक्षत्र व्यवसाय:

मेश राशि कृतिका नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक सेना, पुलिस, उद्योग, चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, रक्षा विभाग, रसायन उद्योग, आयुध शस्त्र निर्माण, भूमि भवन एवं पैतृक सम्पत्ति से लाभ, उत्खनन, विस्फोटक पदार्थ निर्माण, अग्नि से सम्बन्धित व्यवसाय, माचिस, लौह स्टील व पीतल बर्तन उद्योग, नाई, कुम्हार, पंडिताई ज्योतिष आदि ।

वृषभ राशि कृतिका नक्षत्र व्यवसाय:

वृषभ राशि कृतिका नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक राज्य सरकार से लाभ, विदेशियों के सम्पर्क से लाभ, उत्तम वस्त्र एवं रत्नादि से लाभ, पुराने ऋण की पुनः प्राप्ति, संगीत, नृत्य, ड्रामा, कविता, कला - चित्रकला, मानचित्रकारिता, मृर्तिकारी, रेशम, फोटोग्राफी, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार, सजावट, उद्योग, चिकित्सा विभाग, इन्जीनियर, कर विभाग, ऊन व बालों का निर्यात, रति रोग विशेषज्ञ ।

इस कृत्तिका नक्षत्र की जानकारी वीडियो के रूप में देखें

https://youtu.be/4G1qGWw3vPI?si=CdUVFHGuC1HI8Hre

मेश राशि कृतिका नक्षत्र रोग:

मेश राशि कृतिका नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक के जीवनमें तीव्र ज्वर, मलेरिया, प्लेग, चेचक, खसरा, मस्तिष्क ज्वर, दुर्घटना,घाव, चोट, अग्नि दुर्घटना, फाइलेरिया, विस्फोट से दुर्घटना |

वृषभ राशि कृतिका नक्षत्र रोग:

वृषभ राशि कृतिका नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक के जीवनमें – मुंहासे, चोट, रक्त- नेत्र, नेत्र सूजन (आंखें आना), गले के रोग, टॉन्सिल बढ़ जाना, गर्दन में सूजन व अकड़न, नाक में पॉलीपस, फोड़े, फुन्सी, चक्कर आना, घुटने में ट्यूमर

मेश राशि कृतिका राशीश मंगल

वृषभ राशि कृतिका राशीश शुक्र

नक्षत्र अंग सिर, मस्तिष्क, नेत्र एवं नेत्र ज्योति चेहरा, गर्दन, टॉन्सिल, निचला जबड़ा, सिर के पीछे का भाग।।नक्षत्र वृक्ष - गूलरनक्षत्र रंग : लालनक्षत्र तत्व - अग्निनक्षत्र गणना - क्रूरनक्षत्र स्वामी - सूर्यनक्षत्र के देवता - अग्निनक्षत्र मंत्र - ॐ कृतिकाभ्यो नमः

कृतिका नक्षत्र मेष राशि

• वर्ण:क्षत्रिय • वशय:चतुश्पद • योनि :मेष • गण: राक्षस • नाड़ी:अंत्य

कृतिका नक्षत्र वृषभ राशि

• वर्ण:वैश्य • वशय:चतुश्पद • योनि :मेष • गण: राक्षस • नाड़ी:अंत्य

नक्षत्र साधना उपासना

कृतिका नक्षत्र प्रथम चरण-मेश राशि द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ चरण- वृषभ राशि में आते है इस चरण के अनुशार साधना उपासना करने से अच्छा लाभ प्राप्त होता है

प्रथम चरण का स्वामी गुरु:

दुर्गा उपासना (मेष राशि कृतिका नक्षत्र)

द्वितीय चरण का स्वामी शनि:

शिव उपासना

तृतीय चरण का स्वामी शनि:

दशांश हवन भूमिदान

चौथे चरण का स्वामी गुरु:

गायत्री मंत्र जप हवन और गौ-दान

Special Tips:

कृतिका नक्षत्र में जन्म धारण करने वाले जातक को कृत्तिका - उत्तराफाल्गुनी - उत्तराषाढ़ा इन तीन नक्षत्र में कोई भी अच्छा कार्य नहीं करना चाहिए